नववर्ष की पूर्व संध्या पर ध्यान-सत्र

बुधवार, 31 दिसम्बर, 2025

रात 11:30 बजे (31 दिसम्बर)

– रात 12:15 (1 जनवरी)

(भारतीय समयानुसार)

नववर्ष पूर्व संध्या ध्यान - 31 दिसम्बर, 2025

कार्यक्रम के विवरण

नववर्ष की कल्पना एक ऐसे उद्यान के रूप में कीजिए, जिसे विकसित करने का उत्तरदायित्त्व आपका है। इस भूमि में अच्छी आदतों के बीज बोयें, तथा अतीत की चिन्ताओं और अनुचित कार्यों को जड़ से उखाड़ फेंकें।

— परमहंस योगानन्द

परमहंस योगानन्दजी ने नववर्ष के आगमन पर सामूहिक ध्यान की प्रथा प्रारंभ की थी। उन्होंने भक्तों को प्रोत्साहित किया कि वे नव वर्ष का स्वागत गहन ध्यान के साथ करें और बुरी आदतों को त्याग कर उनके स्थान पर अच्छी आदतों को अपनाने का दृढ़ संकल्प लें।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर बुधवार, 31 दिसम्बर, रात 11:30 बजे से गुरुवार, 1 जनवरी, 12:15 बजे (भारतीय समयानुसार) तक एक विशेष ऑनलाइन सामूहिक ध्यान आयोजित किया गया। यह ध्यान वाईएसएस संन्यासी द्वारा अंग्रेजी में संचालित किया गया था।

ध्यान के साथ नववर्ष के स्वागत का यह अनूठा तरीका हमारे वाईएसएस आश्रमों, और कुछ केन्द्रों तथा मंडलियों में भी अपनाया गया।

नववर्ष के इस अवसर पर, परमहंस योगानन्दजी के आध्यात्मिक और मानवीय कार्यों में योगदान देने के लिए आपका स्वागत है। कृपया दान करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ।

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

एक गृह-अध्ययन पाठमाला जो आपके जीवन को ऐसे असाधारण ढंग से रूपांतरित कर देती है जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की होगी, और आपको एक संतुलित एवं सफल जीवन जीने में सहायता करती है।

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